कथक टीचर से कारोबार तक: सात्विक बेकर्स की संस्थापक निशा सिंह ने आत्मनिर्भरता की लिखी नई कहानी

मात्र 10 महीनों में सात्विक बेकर्स को दिलाई नई पहचान; पैठे के लड्डू, पैठे की बर्फी, सूजी रस्क और बादाम कुकीज़ के हस्तनिर्मित उत्पादों के साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजार में बनाई अपनी जगह 

पॉजिटिव डेस्क/पलक: आत्मनिर्भर भारत और महिला उद्यमिता की दिशा में महिलाएँ विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। इसी क्रम में सात्विक बेकर्स की संस्थापक निशा सिंह ने अपने हस्तनिर्मित खाद्य उत्पादों के माध्यम से उद्यमिता के क्षेत्र में एक नई शुरुआत की है। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के नगरा गाँव की रहने वाली और वर्तमान में दिल्ली में निवास कर रहीं निशा सिंह ने हिंदी माध्यम से शिक्षा प्राप्त की तथा कथक में स्नातक किया। उनका सपना कथक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का था, लेकिन विवाह के बाद सबोली गाँव से जुड़े परिवार और नई जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपने हुनर को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया निशा सिंह के अनुसार, उनके इस सफर में उनके पति का सहयोग सबसे बड़ी ताकत बना। पिछले वर्ष नवरात्रि महोत्सव के दौरान उन्होंने सात्विक बेकर्स की शुरुआत की।
"छायाचित्र: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मेले में Satvik Bakers के ड्राई पेठा का स्वाद लिया, दिल्ली में आयोजित स्वदेशी मेले के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने Satvik Bakers के स्टॉल का दौरा किया और पारंपरिक ड्राई पेठा का स्वाद लिया। उन्होंने स्थानीय उद्यमियों और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की सराहना की। यह अवसर Satvik Bakers के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण रहा।"
इस यात्रा में उनकी मेंटर सुनीता शर्मा के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निशा सिंह कहती हैं कि सुनीता शर्मा ने उन्हें अपने हुनर पर विश्वास करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। आज सात्विक बेकर्स पैठे की मिठाई, पैठे के लड्डू, पैठे की बर्फी, प्रीमियम ड्राई फ्रूट्स लड्डू, सूजी रस्क, बादाम कुकीज़ और चॉकलेट जैसे हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार कर रहा है। सभी उत्पाद उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से स्वच्छ वातावरण में बनाए जाते हैं, जहाँ गुणवत्ता और पारंपरिक स्वाद पर विशेष ध्यान दिया जाता है। निशा सिंह अपने उत्पादों की बिक्री ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कर रही हैं। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य ग्राहकों तक गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद उत्पाद पहुँचाने के साथ-साथ महिलाओं को स्वरोज़गार और उद्यमिता के लिए प्रेरित करना है। लगभग 10 महीनों में सात्विक बेकर्स ने अपने उत्पादों के माध्यम से ग्राहकों के बीच पहचान बनाई है। निशा सिंह भविष्य में अपने उद्यम का विस्तार करने और अधिक महिलाओं को स्वरोज़गार से जोड़ने की दिशा में कार्य करना चाहती हैं। "हर महिला के भीतर एक विशेष प्रतिभा होती है। आवश्यकता केवल उसे पहचानने, अवसर देने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की है।" यही संदेश निशा सिंह अपनी उद्यमिता की यात्रा के माध्यम से देना चाहती हैं।
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